नोएडा : नोएडा की थाना फेस 3 पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए फर्जी दस्तावेज़ों का इस्तेमाल कर बैंक खाते खुलवाने और उन्हें साइबर अपराधियों को बेचने वाले एक गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये खाते विशेष रूप से ‘डिजिटल अरेस्ट’ और ऑनलाइन सट्टेबाजी जैसे गंभीर साइबर अपराधों में इस्तेमाल किए जाते थे।
थाना फेस 3 पुलिस ने गोपनीय और इलेक्ट्रॉनिक सूचना के आधार पर चारों अभियुक्तों, वरुण प्रताप सिंह, सार्थक गुप्ता, अथर्व दीक्षित और मोनू यादव को सेक्टर 66 स्थित ग्रीन बेल्ट से सेक्टर 63 की ओर जाने वाले रास्ते से गिरफ्तार किया।
पूछताछ में पता चला कि यह गिरोह फर्जी दस्तावेज़ों से बैंक खाते (चेक बुक, डेबिट कार्ड और सिम के साथ ‘किट’) तैयार करवाता था और उन्हें साइबर अपराधियों को बेचता था। इन खातों का उपयोग ‘डिजिटल अरेस्ट’ (धमकी देकर जबरन वसूली) और ऑनलाइन सट्टे में अर्जित धनराशि को जमा करने के लिए होता था।
गिरफ्तार आरोपी प्रतिदिन साइबर अपराध से अर्जित होने वाले धन की मात्रा के आधार पर खाते सप्लाई करते थे, जिनकी लेनदेन की लिमिट 50 लाख से 5 करोड़ रुपये तक होती थी। मोनू यादव, जो कि मुख्य सप्लायर था, प्रति अकाउंट किट के लिए ₹60,000 लेता था। अन्य तीन अभियुक्तों (वरुण, सार्थक, अथर्व) को खाता सक्रिय रहने तक प्रतिदिन ₹50,000 का भुगतान तय किया गया था।
अपराधी व्हाट्सएप वॉयस कॉल और ‘Disappearing Chats’ का इस्तेमाल करते थे ताकि कोई सबूत न छूटे। मोनू यादव के मोबाइल से पूर्व में बेचे गए तीन अन्य खातों की जानकारी भी प्राप्त हुई है।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्ज़े से 4 मोबाइल फोन, 7 डेबिट कार्ड, एक चेक बुक और एक सफेद रंग की बलेनो कार बरामद की है।














