ग्रेटर नोएडा ( आमिर खान, ग्रेनो एक्सप्रेस, संवाददाता ) । जनपद वासियों को शुद्ध और मिलावट रहित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए गौतम बुद्ध नगर का खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग पूरी तरह एक्शन में आ गया है। उत्तर प्रदेश लखनऊ के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त तथा स्थानीय जिलाधिकारी के कड़े निर्देशों के बाद, विभाग ने जिले में मिलावटखोरों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। इसी क्रम में शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की विभिन्न टीमों ने जिले के कई मसाला निर्माण प्रतिष्ठानों पर औचक छापेमारी की और जांच के लिए मसालों के कुल 10 नमूने संग्रहित किए।
सहायक आयुक्त खाद्य (द्वितीय) सर्वेश मिश्रा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण मसाले एवं अन्य खाद्य-पेय पदार्थ सुनिश्चित कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहारों और सामान्य दिनों में भी नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विभिन्न क्षेत्रों में टीमों ने की छापेमारी
अभियान के तहत विभाग की अलग-अलग टीमों ने जिले के प्रमुख औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में कार्रवाई की
दनकौर और सूरजपुर में छापेमारी
खाद्य सुरक्षा अधिकारी विजय बहादुर पटेल और रविंद्र नाथ वर्मा की टीम ने दनकौर (ग्रेटर नोएडा) स्थित ‘अंजना मिल’ पर छापा मारा। यहाँ से टीम ने खुली हल्दी पाउडर और पैक्ड हल्दी पाउडर का एक-एक नमूना लिया। वहीं, खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार ने साइट-सी सूरजपुर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित ‘ब्रह्म अर्पण ऑर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड’ से खुली व पैक्ड हल्दी के नमूने एकत्र किए।
सेक्टर 63 और दादरी में भी छापेमारी
सेक्टर 63 स्थित ‘राकेश मसाले’ के प्रतिष्ठान पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी रितु सक्सेना ने कार्रवाई करते हुए खुली और पैक्ड हींग का नमूना लिया। इसके अलावा, धूम मानिकपुर (दादरी) में खाद्य सुरक्षा अधिकारी एस.के. पाण्डेय और ओ.पी. सिंह की संयुक्त टीम ने ‘धमीजा ग्राइंडर’ से खुली व पैक्ड हींग तथा ‘आर एस के फूड्स एंड स्पाइसेस प्राइवेट लिमिटेड’ से खुले व पैक्ड धनिया पाउडर के सैंपल भरे।
प्रयोगशाला भेजे गए सैंपल, आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
विभाग द्वारा सील किए गए सभी 10 नमूनों को राजकीय प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जा रहा है। सहायक आयुक्त सर्वेश मिश्रा ने चेतावनी दी है कि यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा। आने वाले दिनों में भी खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए इसी प्रकार औचक निरीक्षण और नमूने लेने की कार्रवाई जारी रहेगी। यदि किसी भी नमूने में मिलावट या मानकों में कमी पाई जाती है, तो संबंधित प्रतिष्ठान और मालिकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) के तहत सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।














