ग्रेटर नोएडा ( आमिर खान, ग्रेनो एक्सप्रेस संवाददाता ) । ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित ला रेजीडेंशिया सोसायटी में बुधवार को बुनियादी सुविधाओं के दावों की पोल खुल गई। मुख्य पाइपलाइन फटने के कारण सोसायटी के 29 टावरों में रहने वाले लगभग 2200 परिवारों की जलापूर्ति करीब 24 घंटे तक पूरी तरह ठप रही। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि 7000 से अधिक निवासियों को बाल्टियों से पानी ढोने पर मजबूर होना पड़ा।

आधी रात को फटी पाइपलाइन, सुबह मचा शोर
जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात करीब 11 बजे सोसायटी की मुख्य राइजिंग पाइपलाइन फट गई थी। निवासियों का आरोप है कि मेंटेनेंस टीम को इसकी जानकारी रात में ही हो गई थी, लेकिन निवासियों को समय पर सूचित नहीं किया गया। बुधवार सुबह जब लोगों की आंखें खुलीं, तो नलों में पानी नहीं था। स्कूल जाने वाले बच्चों और ऑफिस जाने वाले कामकाजी लोगों के लिए सुबह का समय अफरा-तफरी में बीता।

किल्लत के बीच ‘बोतलबंद’ पानी का सहारा
दिन ढलने के साथ ही समस्या विकराल होती गई। दैनिक कामकाज जैसे खाना बनाना, नहाना और साफ-सफाई ठप हो गई। मजबूरी में लोगों को पास की दुकानों से पानी की बोतलें और कैन खरीदने पड़े। सोसायटी निवासी सुमित जलोटा ने बताया कि शिकायतों के बावजूद मरम्मत कार्य में भारी देरी की गई। वहीं, एक अन्य निवासी दीपांकर ने रोष व्यक्त करते हुए कहा, “यह पहली बार नहीं है। करोड़ों के फ्लैट और भारी मेंटेनेंस देने के बाद भी हमें झुग्गियों की तरह टैंकरों से पानी ढोना पड़ रहा है।”

देर रात बहाल हुई आपूर्ति
बुधवार रात करीब 11 बजे, यानी पूरे 24 घंटे बाद, मरम्मत कार्य पूरा हुआ और जलापूर्ति आंशिक रूप से बहाल की गई। रात 12 बजे के बाद ही स्थिति सामान्य हो सकी। इस दौरान महिलाओं और बच्चों को सीढ़ियों और लिफ्ट के जरिए बाल्टियों में पानी ले जाते देखा गया, जिससे प्रबंधन के खिलाफ लोगों में भारी गुस्सा है।














