ग्रेटर नोएडा/दादरी। Srijana Foundation एवं Umang Club NTPC Dadri द्वारा आयोजित सांस्कृतिक संध्या “ताल-रंग” भारतीय शास्त्रीय कला और कथक का एक अनुपम उत्सव बनकर उभरी। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा कथक कलाकार Shubhangee Goel द्वारा मिर्ज़ा ग़ालिब की प्रसिद्ध ग़ज़ल “दिल-ए-नादाँ तुझे हुआ क्या है” पर प्रस्तुत भावपूर्ण नृत्य।

राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित, दूरदर्शन ग्रेडेड कलाकार एवं Srijana Foundation की संस्थापक निदेशक शुभांगी गोयल पिछले 20 वर्षों से अपनी गुरु Rani Khanum के सान्निध्य में कथक की साधना कर रही हैं। सृजना फाउंडेशन की स्थापना एवं उनकी कला यात्रा उनके माता-पिता और गुरुजनों से मिली प्रेरणा का परिणाम है।
ग़ज़ल की प्रस्तुति के दौरान शुभांगी गोयल ने अपने सूक्ष्म अभिनय, नज़ाकत भरे भाव, सुंदर मुद्राओं और कथक की बारीक अभिव्यक्तियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी आंखों की भाषा, भावों की गहराई और हर छोटी अभिव्यक्ति ने ग़ालिब की शायरी को मंच पर जीवंत कर दिया। मंच पर उनकी उपस्थिति और कलात्मक ऊर्जा ने पूरे सभागार को भाव-विभोर कर दिया तथा दर्शकों ने तालियों की गूंज के साथ प्रस्तुति का स्वागत किया।
कार्यक्रम में 3 से 15 वर्ष तक के बच्चों द्वारा प्रस्तुत गुरु वंदना, अयिगिरि नंदिनी, ताल-क्रीड़ा, भाव-रंग एवं मल्हार जैसी प्रस्तुतियों ने भी भारतीय शास्त्रीय कला की सुंदरता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में Dr. Basant Kumar Behra, विशिष्ट अतिथि Guru Debashish Dey तथा उमंग क्लब के उपाध्यक्ष Mr. Anil Sharma उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती विभा गुप्ता द्वारा किया गया | अतिथियों ने भारतीय कला एवं युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने हेतु सृजना फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की।
भारतीय संस्कृति, कला एवं गुरु-शिष्य परंपरा के संरक्षण के साथ-साथ Srijana Foundation समाज के वंचित वर्गों, विधवाओं, आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों तथा ऑटिज़्म एवं मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से प्रभावित बच्चों के लिए नृत्य एवं संगीत चिकित्सा के माध्यम से भी निरंतर कार्य कर रहा है।














