ग्रेटर नोएडा ( आमिर खान, ग्रेनो एक्सप्रेस, संवाददाता ) । जनपद में एलपीजी गैस के व्यावसायिक दुरुपयोग, अवैध रिफिलिंग और पेट्रोलियम उत्पादों की कालाबाजारी को रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। जिलाधिकारी के कड़े निर्देशों के बाद जिले में उपजिलाधिकारी और नगर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीमों ने व्यापक जांच अभियान चलाया। इस अभियान में बाट-माप विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग और तेल कंपनियों के अधिकारी शामिल रहे।

गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण
जांच टीमों ने तहसील दादरी, जेवर और नोएडा के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित प्रमुख गैस एजेंसियों का स्थलीय निरीक्षण किया। इनमें दादरी की साहिल एचपी गैस, बालाजी एचपी, नोएडा के पटाडी की भारद्वाज भारत गैस, पृथला की राजेश भारत गैस, सेक्टर-122 की मेहुल भारत गैस, और जेवर की मोनू एचपी व प्रबुद्ध भारत गैस जैसी एजेंसियां शामिल रहीं।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सिलेंडरों की उपलब्धता, वजन (वेट) और माप (मेजरमेंट) संबंधी लाइसेंसों की बारीकी से जांच की। राहत की बात यह रही कि सभी प्रमुख एजेंसियों पर गैस का पर्याप्त स्टॉक पाया गया और मानक नियमों के अनुरूप मिले। इसके साथ ही शर्मा फिलिंग स्टेशन (बिसहाड़ा) और नोएडा ऑटोमोबाइल (सेक्टर-14) पेट्रोल पंपों की भी जांच की गई, जहाँ ईंधन की उपलब्धता के साथ-साथ जनसुविधाएं जैसे स्वच्छ पेयजल और शौचालय भी संतोषजनक पाए गए।
भ्रामक वीडियो का खंडन: “गाजियाबाद का वीडियो नोएडा के नाम पर वायरल”
जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) स्मृति गौतम ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही एक भ्रामक खबर का पुरजोर खंडन किया है। दरअसल, ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक न्यूज़ चैनल के हवाले से एक वीडियो साझा किया गया था, जिसमें महिलाओं को गैस के लिए कतारों में खड़ा दिखाया गया था और इसे गौतमबुद्धनगर का बताया जा रहा था।
DSO ने स्पष्ट किया कि तथ्यात्मक जांच में पाया गया कि वीडियो के बैकग्राउंड में दिख रही इंडेन गैस एजेंसी का पता क्रॉसिंग रिपब्लिक, डूंडाहेड़ा, गाजियाबाद का है। अतः यह वीडियो नोएडा या ग्रेटर नोएडा से संबंधित नहीं है। प्रशासन ने जनपदवासियों को आश्वस्त किया है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सुचारु है।














