ग्रेटर नोएडा। सीईओ से वार्ता में प्राधिकरण द्वारा समस्त किसानों को 10/प्लॉट दिए जाने के लिए शासन को पत्र भेजने की सहमति के बाद किसान संघर्ष समिति ने 14 अगस्त की पदयात्रा स्थगित की कार्रवाई नहीं हुई तो 2 अक्टूबर से होगा सत्याग्रह आंदोलन
45 गाँवों के किसानों ने किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व मे ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) के साथ किसानों से जुड़े विभिन्न लंबित एवं महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर विस्तृत बैठक हुई। बैठक में 4 प्रतिशत आबादी भूखंड , लंबित आबादी प्रकरणों के निस्तारण से जुड़े प्रकरणों, गांवों के विकास कार्यों, एसआईटी से संबंधित 237 मामलों तथा एसआईटी जांच में क्लियर हो चुके मामलों की लीजबैक प्रक्रिया को लेकर गंभीर चर्चा की गई।
किसान संघर्ष समिति ने मांग रखी कि जिन मामलों को एसआईटी द्वारा जांच के बाद क्लियर किया जा चुका है, उनमें किसानों को दोबारा लंबी एवं अनावश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया से न गुजरना पड़े। ऐसे मामलों में लीजबैक की प्रक्रिया को छोटा, सरल और समयबद्ध किया जाए, ताकि वर्षों से लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण हो सके और किसानों को राहत मिले।
बैठक में 4 प्रतिशत आबादी भूखंड से संबंधित लंबित मामलों के जल्द समाधान के साथ-साथ गांवों में सड़क, नाली, सीवर, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई एवं अन्य मूलभूत विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
सीईओ ने किसान प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि किसानों से संबंधित लंबित मामलों को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार को पुनः रिमाइंडर पत्र भेजा जा रहा है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि रिमाइंडर पत्र की पत्रांक संख्या किसान प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि शासन स्तर पर मामले की प्रगति की जानकारी रखी जा सके।
सीईओ ने कहा कि शासन स्तर से किसानों के पक्ष में जो भी निर्णय अथवा दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, प्राधिकरण उनका पालन करते हुए ग्किसानों के साथ पूरा सहयोग करेगा। साथ ही किसानों से संबंधित मामलों के निस्तारण में यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी अथवा कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
बैठक के बाद किसान संघर्ष समिति ने सीईओ द्वारा दिए गए आश्वासनों को देखते हुए 14 अगस्त को प्रस्तावित किसान पदयात्रा को समाप्त करने का निर्णय लिया।
किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता मनवीर भाटी ने कहा कि सीईओ के साथ हुई वार्ता सकारात्मक रही है। किसानों के प्रमुख मुद्दों पर प्राधिकरण ने सहयोग करने, शासन को रिमाइंडर भेजने, उसका पत्रांक उपलब्ध कराने तथा एसआईटी से क्लियर मामलों की लीजबैक प्रक्रिया को सरल और तेज करने का भरोसा दिया है। इसी आधार पर 14 अगस्त की प्रस्तावित पदयात्रा को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।
हालांकि किसान संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय प्राधिकरण द्वारा दिए गए आश्वासनों पर विश्वास करते हुए लिया गया है। समिति ने प्राधिकरण को 45 दिन का समय देते हुए कहा है कि इस अवधि में किसानों से किए गए वादों एवं आश्वासनों पर ठोस कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए।
किसान संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि 45 दिनों के भीतर किसानों के मुद्दों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई और दिए गए आश्वासन पूरे नहीं किए गए, तो 2 अक्टूबर से किसान व्यापक सत्याग्रह आंदोलन शुरू करेंगे।इस दौरान – भगवत सिंह भाटी , बीरसिंह मास्टर जी ,अजबसिंह प्रधान ,धर्मवीर प्रधान ,दोरीलाल प्रधान , इंद्रजीत प्रधान ,विजेंद्र प्रधान ,रवि प्रधान , ओमवीर नेता जी ,बलराज प्रधान ,रामी प्रधान ,पवन शर्मा,कपिल खारी,














