ग्रेटर नोएडा ( ग्रेनो एक्सप्रेस, संवाददाता ) । ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सफाई व्यवस्था के दावों की पोल सूरजपुर कस्बे में खुल गई है। आलम यह है कि सूरजपुर की सड़कों और गलियों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे स्थानीय निवासी नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। सफाई व्यवस्था का ठेका लेने वाली कंपनियां और उनके कर्मचारी खुलेआम मनमानी कर रहे हैं, जिसका खामियाजा सूरजपुर के बाशिंदे भुगत रहे हैं।

प्राधिकरण सफाई व्यवस्था के नाम पर इन ठेकेदारों को मोटी रकम का भुगतान कर रहा है, लेकिन धरातल पर काम न के बराबर है। सूरजपुर कस्बे की मुख्य सड़कों से लेकर अंदरूनी गलियों तक हर जगह कूड़े के ढेर और गंदगी का साम्राज्य पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
यह कोई नई बात नहीं है। प्राधिकरण ने पहले भी कई बार इन लापरवाह ठेकेदारों पर जुर्माना लगाया है, लेकिन ऐसा लगता है कि यह जुर्माना केवल कागजी खानापूर्ति तक ही सीमित है। जुर्माने के बावजूद ठेकेदारों की मनमानी और लापरवाही कम होने का नाम नहीं ले रही है। इसका सीधा असर सूरजपुर के निवासियों के स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों ने प्राधिकरण से इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने और दोषी ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि सूरजपुर को गंदगी के इस दलदल से मुक्ति मिल सके और लोग स्वच्छ वातावरण में सांस ले सकें।














