ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की घोर अनदेखी और बेपरवाह कार्यप्रणाली का खामियाजा सूरजपुर कस्बे के निवासियों को भुगतना पड़ रहा है। कस्बे के अंबेडकर भवन मोहल्ले में नालियों का बदबूदार और गंदा पानी पूरी तरह सड़कों पर जमा हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों का जीवन दूभर हो चुका है।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्राधिकरण द्वारा इलाके में सड़क निर्माण का कार्य बेहद गैर-जिम्मेदाराना तरीके से किया गया है। सड़क को कहीं बहुत ऊँचा तो कहीं नीचा बना दिया गया है। सही लेवलिंग न होने और ड्रेनेज सिस्टम का ध्यान न रखे जाने के कारण नालियों का पानी निकासी के बजाय वापस गलियों में भर रहा है।
सड़कों और गलियों में पानी जमा होने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। बच्चे गंदे पानी के बीच से होकर स्कूल आने-जाने को मजबूर हैं, जिससे हमेशा फिसलकर गिरने या दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा आम नागरिकों, बुजुर्गों और महिलाओं का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
सड़क पर कई दिनों से ठहरे हुए गंदे पानी से तेज बदबू उठ रही है। इसके कारण मच्छरों और कीड़े-मकोड़ों का प्रकोप बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों को डर है कि अगर जल्द ही सफाई और जल निकासी का समाधान नहीं किया गया, तो क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं।
मोहल्ले के लोगों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर प्राधिकरण के अधिकारियों से कई बार शिकायतें कीं, लेकिन हर बार उन्हें केवल खोखले आश्वासन ही मिले। अभी तक जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं किया गया है।














