जेवर । दिल्ली-एनसीआर और समूचे उत्तर भारत के लिए आज का दिन ऐतिहासिक बन गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के पहले चरण का औपचारिक उद्घाटन कर दिया है। इसी के साथ पिछले 24 सालों का लंबा इंतजार आज खत्म हुआ। उद्घाटन समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मंच पर मौजूद रहे।
रिमोट का बटन दबाकर हुआ
उद्घाटन
प्रधानमंत्री मोदी ने मंच से रिमोट का बटन दबाकर इस मेगा प्रोजेक्ट के पहले फेज को राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, बल्कि भारत की नई प्रगति का द्वार है। उन्होंने वहाँ मौजूद लाखों लोगों से अपने मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर इस उपलब्धि का जश्न मनाने का आग्रह किया और इसे “जनता का एयरपोर्ट” बताया।
दुनिया देखेगी भारत की रफ्तार
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड परियोजनाओं में से एक है। इसकी क्षमता और आधुनिकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ से भविष्य में हर दो मिनट में एक विमान उड़ान भर सकेगा। यह एयरपोर्ट न केवल उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर बढ़ते दबाव और ट्रैफिक को भी काफी हद तक कम कर देगा।
प्रमुख विशेषताएँ और प्रभाव
* कनेक्टिविटी: दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों को सीधा लाभ मिलेगा।
* रोजगार के अवसर: एयरपोर्ट और इसके आसपास बनने वाले लॉजिस्टिक हब से लाखों लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
* ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट: यह पर्यावरण के अनुकूल और अत्याधुनिक तकनीक से लैस हवाई अड्डा है।
* विकास की गति: जेवर एयरपोर्ट के चालू होने से फिल्म सिटी और औद्योगिक गलियारों के विकास में तेजी आएगी।
यह उद्घाटन न केवल उत्तर प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि यह विमानन क्षेत्र में भारत की वैश्विक रैंकिंग को भी मजबूती प्रदान करेगा।














