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शारदाकेयर–हेल्थसिटी में दुर्लभ जबड़े के जोड़ की सर्जरी से केन्या की महिला की मुस्कान लौटी

केन्या की 44 वर्षीय महिला लगभग 17 वर्षों से गंभीर जबड़े की समस्या से जूझ रही थी, जो मैंडिब्युलर ट्यूमर की जटिलताओं के कारण हुई थी

by Amir Khan
March 18, 2026
in ग्रेटर नोएडा
0
शारदाकेयर–हेल्थसिटी में दुर्लभ जबड़े के जोड़ की सर्जरी से केन्या की महिला की मुस्कान लौटी

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा स्थित अग्रणी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल शारदाकेयर–हेल्थसिटी ने केन्या के नैरोबी की 44 वर्षीय एलिस वांगुई मुथोनी का जटिल टोटल टेम्पोरोमैंडिबुलर जॉइंट (TMJ) रिप्लेसमेंट सफलतापूर्वक किया। इस सर्जरी के बाद वह लगभग 17 वर्षों से चली आ रही गंभीर जबड़े की समस्या से राहत पा सकीं और फिर से सामान्य रूप से खाना, बोलना और बिना दर्द के जीवन जीना संभव हो पाया। एलिस लगभग दो दशकों से जबड़े की गंभीर विकृति से जूझ रही थीं। यह समस्या निचले जबड़े में बने ट्यूमर की जटिलताओं के कारण शुरू हुई थी। ऐसे ट्यूमर निचले जबड़े में होने वाली असामान्य गांठें होती हैं, जो कैंसरयुक्त या गैर-कैंसरयुक्त हो सकती हैं और हड्डी, मुलायम टिशू या दांत बनने वाले टिशू से उत्पन्न हो सकती हैं। समय के साथ उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती गई। उन्हें मुंह ठीक से खोलने में कठिनाई होने लगी, खाना चबाने और बोलने में परेशानी होने लगी, चेहरे का संतुलन बिगड़ गया और लगातार चेहरे में दर्द रहने लगा।

शारीरिक परेशानियों के अलावा इस समस्या का उनके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर पड़ा। सामान्य रूप से बात न कर पाना और ठीक से खाना न खा पाना उनके जीवन की गुणवत्ता को काफी कम कर रहा था। उन्होंने पहले तीन बार सर्जरी भी करवाई, लेकिन समस्या ठीक नहीं हुई और दुर्भाग्यवश निचले होंठ की नस को भी नुकसान पहुंच गया, जिससे उनकी स्थिति और जटिल हो गई। लंबे समय तक समाधान की तलाश के बाद एलिस विशेष इलाज के लिए भारत आईं और शारदाकेयर–हेल्थसिटी में उपचार कराया।

यहां उनका इलाज *डॉ. रोहित पुंगा, डायरेक्टर और यूनिट हेड – क्रेनियो मैक्सिलोफेशियल* सर्जरी ने किया। उन्होंने मरीज के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए इम्प्लांट के साथ राइट एक्सटेंडेड टोटल टेम्पोरोमैंडिबुलर जॉइंट रिप्लेसमेंट किया। यह एक अत्यंत जटिल और उन्नत सर्जरी है, जो दुनिया के चुनिंदा मैक्सिलोफेशियल केंद्रों में ही की जाती है।

इस प्रक्रिया में पहले विस्तृत सीटी स्कैन और 3डी प्लानिंग की जाती है, जिसके आधार पर मरीज के जबड़े की संरचना के अनुसार एक कस्टम इम्प्लांट तैयार किया जाता है। सर्जरी के दौरान दाईं ओर के खराब हो चुके जोड़ के हिस्सों को सावधानी से हटाकर उनकी जगह कृत्रिम जोड़ लगाया गया। इसे टाइटेनियम स्क्रू की मदद से खोपड़ी के आधार और निचले जबड़े से जोड़ा गया।

यह सर्जरी सफल रही, जिससे जबड़े की संरचना और कार्यक्षमता फिर से बहाल हो गई। वर्षों से चले आ रहे दर्द और जकड़न में राहत मिली और एलिस के जबड़े की गति में काफी सुधार हुआ। अब वह पहले की तुलना में अधिक आसानी से खाना खा सकती हैं, बोल सकती हैं और रोजमर्रा के काम कर सकती हैं।

*डॉ. रोहित पुंगा, डायरेक्टर एवं यूनिट हेड – क्रेनियो मैक्सिलोफेशियल सर्जरी, शारदाकेयर–हेल्थसिटी ने कहा* , “टेम्पोरोमैंडिबुलर जॉइंट रिप्लेसमेंट चिकित्सा क्षेत्र में होने वाली सबसे दुर्लभ जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी में से एक है और आमतौर पर इसे केवल विशेष क्रेनियो-मैक्सिलोफेशियल केंद्रों पर ही किया जाता है। हर मामले में बेहद सावधानी से योजना बनानी होती है और सर्जरी बहुत सटीक तरीके से करनी पड़ती है, खासकर तब जब मरीज पहले कई सर्जरी करवा चुका हो। इस मामले में हमने मरीज के लिए विशेष रूप से बनाए गए इम्प्लांट का उपयोग करके जोड़ का पुनर्निर्माण किया और जबड़े की कार्यक्षमता को बहाल किया। यह भी समझना जरूरी है कि जबड़े के गैर-कैंसरयुक्त ट्यूमर को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि समय के साथ वे बड़े होकर आसपास की नसों और चेहरे की कार्यक्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं। कई वर्षों की परेशानी के बाद चेहरे का संतुलन और जबड़े की सही गतिविधि बहाल करना हमारा मुख्य लक्ष्य था, और हमें खुशी है कि मरीज अब अच्छी तरह से स्वस्थ हो रही हैं।”

दुनिया भर में हर साल केवल कुछ हजार TMJ रिप्लेसमेंट सर्जरी ही की जाती हैं, इसलिए इसे आधुनिक चिकित्सा में सबसे कम होने वाली जॉइंट रिप्लेसमेंट प्रक्रियाओं में माना जाता है। ऐसी सर्जरी के लिए उन्नत इमेजिंग तकनीक, कस्टमाइज्ड इम्प्लांट, अत्यधिक विशेषज्ञ सर्जिकल कौशल और बहु-विषयक मेडिकल सहयोग की आवश्यकता होती है।

अपना अनुभव साझा करते हुए *एलिस वांगुई मुथोनी* ने कहा, “मेरे लिए मेरा चेहरा और उसकी बनावट हमेशा बहुत महत्वपूर्ण रही है। जब मैं सोचती थी कि 22 साल की उम्र में मैं कैसी दिखती थी, तो मुझे लगता था कि काश मेरा प्राकृतिक जबड़ा फिर से वैसा हो सके। कई वर्षों तक मेरी इस स्थिति ने न केवल मेरे चेहरे की बनावट बल्कि मेरे जबड़े के काम करने की क्षमता को भी प्रभावित किया। TMJ रिप्लेसमेंट के बाद जब मैंने अपनी जबड़े की रेखा को फिर से ठीक होते देखा, चेहरे का संतुलन वापस आता देखा और जोड़ की कार्यक्षमता में सुधार महसूस किया, तो यह मेरे लिए बेहद खुशी और भावनाओं से भरा पल था। मैं शारदाकेयर–हेल्थसिटी की टीम और खासकर डॉ. रोहित पुंगा की दिल से आभारी हूं, जिन्होंने मुझे मेरा आत्मविश्वास और मेरी मुस्कान वापस दिलाई। हमें शारदाकेयर–हेल्थसिटी से जोड़ने में मदद करने के लिए एचबीजी मेडिकल असिस्टेंस का बहुत धन्यवाद।”

*डॉ. कौसर शाह, सीईओ, शारदाकेयर–हेल्थसिटी ने कहा* , “यह सफल सर्जरी इस बात का प्रमाण है कि शारदाकेयर उन्नत तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों के सहयोग से विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। हमें गर्व है कि जटिल सर्जरी के लिए न केवल भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के मरीज भी यहां भरोसे के साथ इलाज के लिए आते हैं।”

इस सफल परिणाम ने शारदाकेयर के मैक्सिलोफेशियल सर्जरी सेंटर की बढ़ती क्षमताओं को भी दर्शाया है। यह केंद्र उन्नत सर्जिकल तकनीक, विशेषज्ञ डॉक्टरों और व्यापक क्रिटिकल केयर सुविधाओं से लैस है, जिससे जटिल क्रेनियोफेशियल मामलों का प्रभावी उपचार किया जा सकता है।
आज एलिस तेजी से स्वस्थ हो रही हैं और उनके जबड़े की कार्यक्षमता तथा आराम में पहले से काफी सुधार आया है। वर्षों की परेशानी के बाद अब उनके जीवन में बेहतर स्वास्थ्य और नए आत्मविश्वास की उम्मीद जागी है।

*शारदाकेयर–हेल्थसिटी के बारे में:*
शारदाकेयर–हेल्थसिटी, ग्रेटर नोएडा (दिल्ली-एनसीआर) में स्थित 600 बेड का सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल है, जो आधुनिक इलाज, नई तकनीक और बेहतर सुविधाओं के लिए जाना जाता है। पिछले 18 वर्षों से यह अस्पताल अलग-अलग बीमारियों के इलाज में मरीजों को भरोसेमंद और संपूर्ण चिकित्सा सेवाएं दे रहा है। अनुभवी डॉक्टरों, विशेषज्ञों और प्रोफेसरों की टीम के साथ यह अस्पताल रिसर्च, शिक्षा और उन्नत उपचार पर विशेष ध्यान देता है। यहां मरीजों को उनकी जरूरत के अनुसार बेहतर और संवेदनशील देखभाल दी जाती है। अत्याधुनिक सुविधाओं और आधुनिक उपचार पद्धतियों के जरिए शारदाकेयर–हेल्थसिटी स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में लगातार नए मानक स्थापित कर रहा है।

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