ग्रेटर नोएडा । जनपद गौतमबुद्ध नगर में चल रहे मनरेगा बचाओ संग्राम के अंतर्गत पंचायत स्तरीय जागरूकता अभियान की श्रृंखला में आज जेवर विधानसभा क्षेत्र के रनहेरा गांव में एक महत्वपूर्ण ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। ग्राम चौपाल का संयोजन जिला कांग्रेस कमेटी के जिला सचिव नरेश शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, मजदूर और किसान मौजूद रहे।

ग्राम चौपाल को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी गौतमबुद्ध नगर के अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मनरेगा को धीरे-धीरे मारने की साजिश रची जा रही है। बजट काटो, काम बंद करो, मजदूरी लटकाओ और फिर कहो कि योजना बेकार है यह गरीब विरोधी राजनीति की सबसे घिनौनी चाल है। जो सरकारें एयर कंडीशन कमरों में बैठकर फैसले लेती हैं, उन्हें गांव की भूख, मजदूर की बेबसी और किसान के पसीने की कोई चिंता नहीं है।
जिला अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने आगे कहा कि मनरेगा कोई भीख नहीं है, यह गरीब का संवैधानिक अधिकार है। इसे जी-राम-जी जैसे खोखले कानूनों से बदलने की कोशिश गरीबों के पेट पर सीधा हमला है। कांग्रेस पार्टी साफ चेतावनी देती है कि यदि मनरेगा से छेड़छाड़ की गई तो यह लड़ाई पंचायत से लेकर संसद तक लड़ी जाएगी। सरकार को या तो मनरेगा को मजबूत करना होगा या जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने आगे कहा कि जो लोग आज मनरेगा को बोझ बता रहे हैं, वही लोग बड़े उद्योगपतियों का कर्ज माफ कर रहे हैं। गरीब मजदूर की मजदूरी देने में सरकार की जेब ढीली हो जाती है, लेकिन चंद पूंजीपतियों पर अरबों लुटाने में इन्हें कोई शर्म नहीं आती। कांग्रेस पार्टी इस दोहरे चरित्र को बेनकाब करती रहेगी।
कार्यक्रम के संयोजक नरेश शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि पंचायत स्तर पर यह जागरूकता अभियान इसलिए चलाया जा रहा है ताकि हर मजदूर अपने अधिकार को पहचाने और सरकार की नाकामी के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाए। उन्होंने कहा कि मनरेगा में काम की मांग के बावजूद रोजगार न मिलना, समय पर भुगतान न होना और जॉब कार्ड निष्क्रिय किया जाना सरकार की नीयत को उजागर करता है।
ग्राम चौपाल में ग्रामीणों ने अपनी अन्य समस्याएं भी खुलकर रखीं और मनरेगा बचाओ संग्राम को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष को तेज करने के आह्वान के साथ किया गया।
आज के कार्यक्रम में मुख्य रूप से नरेश शर्मा, कृष्ण कुमार शर्मा, दुष्यंत नागर, राम शरण सिंह, सतपाल सिंह सूबेदार, हरीशंकर शर्मा, सतीश शर्मा, डालचंद शर्मा, रघुराज शर्मा, बृजपाल छोंकर, मुकेश शर्मा, श्योराज सिंह, निशा शर्मा, पूरन सिंह, धर्म सिंह जीनवाल, जयंती प्रसाद शर्मा, सुरेन्द्र प्रताप सिंह, जगदीश सिंह राजपूत, बिन्नू भाटी, हरकिशन शर्मा, सुबोध भट्ट, कृपाल सिंह, अमित कुमार, ब्रजकिशोर, प्रभात नागर, नीरजसिंह, सुमित अत्री, दुर्गेश शर्मा, तेजपाल शर्मा, देवेंद्र शर्मा, वीरपाल , हेमराज, प्रदीप पहाड़िया, भूप सिंह, संजय सिंह, ब्रह्मानंद, वीरेंद्र, रामपाल, धोनी सिंह, अशोक शर्मा, इंदल सिंह, नरेश पाराशर , जयप्रकाश, भूरा शर्मा, ओमवीरसिंह, सुभाषसिंह, शिवदास शर्मा, ज्ञानेंद्र शर्मा, हेमचंद गौड़ आदि किसान, मज़दूर और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।














