नोएडा । गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के मार्गदर्शन में और डीसीपी महिला सुरक्षा/साइबर प्रीति यादव के नेतृत्व में नोएडा स्थित GAIL परिसर में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देना था।
डीसीपी प्रीति यादव ने GAIL के सभी स्टाफ से संवाद करते हुए स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा सिर्फ पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को इस दिशा में जागरूक होना आवश्यक है।
साइबर अपराधों से बचाव पर विशेष सत्र
कार्यक्रम में डीसीपी प्रीति यादव ने साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने ई-मेल, सोशल मीडिया, ऑनलाइन लेन-देन और फर्जी कॉल्स से जुड़े अपराधों के उदाहरण देकर सभी को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज के समय में साइबर क्राइम एक बड़ा खतरा बन गया है, जिससे बचाव के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार के अपराध या समस्या की स्थिति में चुप न रहें, बल्कि तुरंत सहायता के लिए विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। इनमें महिला हेल्पलाइन (1090), साइबर हेल्पलाइन (1930), और आपातकालीन सेवा (112) शामिल हैं।
मिशन शक्ति 5.0 और बालिका सशक्तिकरण की पहल
इस अवसर पर डीसीपी ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शारदीय नवरात्रि से शुरू किए गए मिशन शक्ति 5.0 अभियान की रूपरेखा भी साझा की। इस 30 दिवसीय अभियान का लक्ष्य बेटियों में सुरक्षा का आत्मविश्वास जगाना और अपराधियों में कानून का भय पैदा करना है। इसके तहत एंटी-रोमियो स्क्वॉड की सक्रियता, पिंक बूथों की निगरानी और स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता सत्र जैसे कार्य किए जा रहे हैं।
इसके अलावा, बालिका सशक्तिकरण के लिए एक प्रेरक पहल के रूप में, एसीपी प्रथम नोएडा श्री प्रवीण कुमार ने कंपोजिट विद्यालय परथला खंजरपुर की छात्राओं को पुलिस कार्यप्रणाली की जानकारी दी। इस दौरान, कक्षा 8 की एक छात्रा शिवानी को प्रतीकात्मक रूप से सहायक पुलिस आयुक्त के रूप में नियुक्त होने का अनुभव कराया गया। यह पहल बालिकाओं में नेतृत्व की भावना विकसित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर का उद्देश्य नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को सुनिश्चित करते हुए समाज को साइबर क्राइम जैसे आधुनिक अपराधों के प्रति जागरूक करना है।














