ग्रेटर नोएडा। गलगोटिया विश्वविद्यालय ने दुनिया के अग्रणी एआई-आधारित सीआरएम प्लेटफॉर्म सेल्सफोर्स के साथ मिलकर अपने परिसर में सेल्सफोर्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस – टैबलो एआई डेटा लैब की स्थापना की है। यह पहल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा एनालिटिक्स और विज़ुअलाइज़ेशन को मुख्यधारा की शिक्षा में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे छात्रों को डेटा-ड्रिवन अर्थव्यवस्था की बदलती जरूरतों के लिए तैयार किया जा सके।

टैबलो एआई डेटा लैब को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि छात्रों को एडवांस्ड एनालिटिक्स, बिजनेस इंटेलिजेंस और एआई-सक्षम डेटा इंटरप्रिटेशन का व्यावहारिक अनुभव मिल सके। रियल-वर्ल्ड एप्लिकेशन पर विशेष जोर देते हुए, यह लैब छात्रों को पारंपरिक डैशबोर्ड से आगे बढ़कर नई पीढ़ी की टैब्लो और सेल्सफोर्स तकनीकों के माध्यम से इनसाइट-आधारित निर्णय लेने में सक्षम बनाएगी।
इस सहयोग के तहत छात्रों को इंडस्ट्री-अलाइन पाठ्यक्रम, प्रैक्टिकल लर्निंग मॉड्यूल्स और एंटरप्राइज-ग्रेड एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म का अनुभव मिलेगा। साथ ही, इस पहल में फैकल्टी डेवलपमेंट, वर्कशॉप्स और गाइडेड लर्निंग पाथवे भी शामिल हैं, ताकि अकादमिक प्रोग्राम्स में इसका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
इस अवसर पर डॉ. ध्रुव गलगोटिया, सीईओ, गलगोटिया विश्वविद्यालय ने कहा, “गलगोटिया विश्वविद्यालय में हमारा फोकस हमेशा छात्रों के लिए इंडस्ट्री-इंटीग्रेटेड और प्रभावी लर्निंग अनुभव तैयार करना रहा है। सेल्सफोर्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस – टैबलो एआई डेटा लैब उसी दिशा में एक कदम है, जहां छात्र केवल टूल्स नहीं सीखेंगे, बल्कि डेटा के साथ काम करना, इनसाइट्स निकालना और उन्हें वास्तविक जीवन में लागू करना भी सीखेंगे। जैसे-जैसे एआई विभिन्न उद्योगों को बदल रहा है, मजबूत डेटा और एनालिटिक्स क्षमताओं का निर्माण बेहद जरूरी हो जाता है, और यह सहयोग हमारे छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगा।”
यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विभिन्न विषयों के छात्रों के लिए उपलब्ध होगा, जिससे डेटा एनालिटिक्स, बिजनेस इंटेलिजेंस, एआई-आधारित इनसाइट्स और डिजिटल निर्णय लेने जैसे क्षेत्रों में इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग को बढ़ावा मिलेगा। यह तकनीक, व्यवसाय, स्वास्थ्य, वित्त और पब्लिक सिस्टम्स जैसे कई क्षेत्रों में उपयोगी साबित होगा।
यह पहल गलगोटिया विश्वविद्यालय की इंडस्ट्री इंटीग्रेशन, अनुभवात्मक शिक्षा और भविष्य-उन्मुख शिक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है, साथ ही अकादमिक और उद्योग के संगम पर नवाचार को बढ़ावा देने में इसकी अग्रणी भूमिका को भी स्थापित करती है।














