ग्रेटर नोएडा। ईएमसीटी टीम ने कनिका खुराना के नेतृत्व में प्राथमिक विद्यालय छोटी मिलक में बच्चों के लिए एक विशेष स्क्रीन टाइम वर्कशॉप आयोजित की, जो अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और प्रभावशाली रही। इस कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों को स्क्रीन के सही और संतुलित उपयोग के बारे में जागरूक करना था, ताकि वे तकनीक को एक सकारात्मक और उपयोगी साधन के रूप में समझ सकें।
सत्र के दौरान बच्चों को बताया गया कि तकनीक तभी प्रभावी होती है जब उसका उपयोग उद्देश्यपूर्ण और संतुलित तरीके से किया जाए। साथ ही, उम्र के अनुसार उचित स्क्रीन टाइम सीमा पर चर्चा की गई, जिससे बच्चों में प्रारंभिक अवस्था से ही स्वस्थ डिजिटल आदतें विकसित हो सकें।
कार्यशाला का सबसे प्रभावशाली भाग अफर्मेशन एक्टिविटी रहा, जिसमें बच्चों ने सकारात्मक वाक्यों के माध्यम से आत्मविश्वास, आत्म-विश्वास मजबूत सोच को विकसित करने का अभ्यास किया। बच्चों को अपनी आंतरिक क्षमताओं से जुड़ते और स्वयं के लिए प्रेरणादायक शब्द बोलते देखना बेहद हृदयस्पर्शी अनुभव रहा।
ईएमसीटी की संस्थापक रश्मि पांडेय ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्क्रीन को पूरी तरह समाप्त करना नहीं, बल्कि बच्चों को जागरूक, जिम्मेदार और सजग डिजिटल उपयोगकर्ता बनाना है, जो स्क्रीन से परे अपनी वास्तविक क्षमता और आत्म-मूल्य को पहचान सकें।
ईएमसीटी टीम भविष्य में भी बच्चों के समग्र विकास हेतु ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी।














