ग्रेटर नोएडा ( आमिर खान, ग्रेनो एक्सप्रेस, संवाददाता )। ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से घरेलू गैस सिलेंडर (LPG) की भारी किल्लत देखी जा रही है। शहर की लगभग सभी प्रमुख गैस एजेंसियों के बाहर सुबह चार बजे से ही अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। गैस सिलेंडर पाने के लिए महिलाओं, बुजुर्गों और कामगारों की लंबी कतारें सड़कों तक पहुंच गई हैं, लेकिन इसके बावजूद सैकड़ों लोगों को खाली हाथ घर लौटना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों में इस अव्यवस्था को लेकर गहरा रोष है। लाइन में खड़े एक उपभोक्ता ने बताया, “मैंने 6 दिन पहले ऑनलाइन बुकिंग कराई थी, लेकिन अब तक डिलीवरी नहीं हुई। मजबूरन एजेंसी पर आना पड़ा, यहाँ भी पिछले तीन घंटों से लाइन में लगा हूँ और अब कहा जा रहा है कि स्टॉक खत्म हो गया है।” कई परिवारों का कहना है कि घर में सिलेंडर खत्म होने की वजह से चूल्हे ठंडे पड़ गए हैं और उन्हें बाहर से खाना मंगाने या बिजली के उपकरणों का सहारा लेने पर मजबूर होना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा समस्या उन दिहाड़ी मजदूरों और मध्यमवर्गीय परिवारों को हो रही है जिनके पास बैकअप के लिए दूसरा सिलेंडर नहीं है।
वही गैस एजेंसी संचालकों का दावा है कि आपूर्ति (Supply) के मुकाबले मांग में अचानक भारी उछाल आया है। एक प्रमुख एजेंसी के प्रबंधक ने बताया कि उनके यहाँ से सुबह से अब तक करीब 900 सिलेंडरों का वितरण किया जा चुका है। हालांकि, बैकहैंड से सप्लाई कम होने और बुकिंग की पेंडेंसी बढ़ने के कारण हर उपभोक्ता तक तुरंत सिलेंडर पहुंचाना फिलहाल एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। लोग एडवांस में गैस की बुकिंग कर रहे हैं और अपने घरों में एडवांस गैस सिलेंडर को रख रहे हैं जिससे गैस सिलेंडरों की मांग ज्यादा बढ़ गई है।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों ने गैस एजेंसी संचालकों के साथ आपातकालीन बैठक की है। प्रशासन को अंदेशा है कि इस किल्लत के पीछे अवैध कालाबाजारी और जमाखोरी का हाथ हो सकता है।
वही प्रशासन ने छापेमारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया है जो गैस गोदामों और वितरण केंद्रों की जांच करेंगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई भी एजेंसी संचालक या बिचौलिया सिलेंडर की कालाबाजारी करते हुए या तय कीमत से अधिक वसूलते हुए पकड़ा गया, तो उस पर तत्काल FIR दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि जल्द ही आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू कर दिया जाएगा।














