ग्रेटर नोएडा। भारत में तेजी से बढ़ रही लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां यह संकेत देती हैं कि सिर्फ दवाओं के सहारे बढ़ते स्वास्थ्य संकट से निपटना पर्याप्त नहीं है। डॉक्टरों का कहना है कि पोषण (न्यूट्रिशन) एक एविडेंस-बेस्ड यानी वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तरीका है, जिसे बीमारियों की रोकथाम और बेहतर मरीज देखभाल के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में शामिल किया जाना चाहिए।

इसी कड़ी में ग्रेटर नोएडा स्थित गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (GIMS) और पैन इंडिया (Physicians Association for Nutrition) के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष सीएमई (कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आधुनिक चिकित्सा पद्धति में एविडेंस-बेस्ड न्यूट्रिशन के महत्व को रेखांकित करना था।
इस सीएमई में वरिष्ठ चिकित्सकों, मेडिकल एजुकेटर्स, शोधकर्ताओं और युवा डॉक्टरों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रेजेंटेशन, केस डिस्कशन और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग जैसी कई शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित की गईं।
डॉ. अंजलि नाकरा, फाउंडर, “Path to Health Clinic” ने लाइफस्टाइल मेडिसिन और एविडेंस-बेस्ड न्यूट्रिशन पर सत्र लिया। उन्होंने बताया कि डाइट में छोटे-छोटे बदलाव भविष्य में बड़े स्वास्थ्य लाभ दे सकते हैं। डॉ. अंजलि के अनुसार, “पोषण एक शक्तिशाली उपचार माध्यम है, जिसका इस्तेमाल मेडिकल प्रैक्टिस में अभी भी कम हो रहा है। जब डॉक्टर मरीजों को सरल और व्यावहारिक डाइट सलाह देते हैं, तो उनके समग्र स्वास्थ्य में स्पष्ट सुधार देखने को मिलता है।” कार्यक्रम में दिल्ली-एनसीआर के कई चिकित्सकों ने भाग लिया और न्यूट्रिशन आधारित हेल्थकेयर अप्रोच में गहरी रुचि दिखाई।














