ग्रेटर नोएडा। गलगोटिया विश्वविद्यालय ने एआई इम्पैक्ट समिट 2025 की प्री-समिट संगोष्ठी का सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह राष्ट्रीय स्तर का एक महत्वपूर्ण संवाद था, जो आगामी एआई इम्पैक्ट समिट (16–20 फरवरी 2026, नई दिल्ली) से पूर्व आयोजित किया गया। यह आयोजन भारत की तीव्र गति से एआई -संचालित भविष्य की ओर बढ़ती यात्रा को दर्शाता है, जो माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व से प्रेरित है, जो राष्ट्र को नवाचार-आधारित, समावेशी विकास की दिशा में अग्रसर कर रहे हैं।
संगोष्ठी में शिक्षा, नीति और आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के शीर्ष नेतृत्व एक साथ आए। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के अध्यक्ष प्रो. टी. जी. सीताराम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। गेस्ट ऑफ़ ऑनर के रूप में डॉ. धर्मेन्द्र सिंह, निदेशक, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, वडोदरा ने शिरकत की। साथ ही, डॉ. अमित दत्ता, निदेशक, एआईसीटीई (एआई इन एजुकेशन, इंडियन नॉलेज सिस्टम) एवं प्रसिद्ध एआई लेखक ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया।
इस कार्यक्रम में 6000+ प्रतिभागियों की हाइब्रिड मोड में प्रभावशाली भागीदारी रही, जिसमें नीति-निर्माता, शैक्षणिक नेता, शोधकर्ता, स्टार्टअप्स, छात्र तथा उद्योग विशेषज्ञ शामिल थे। संगोष्ठी ने गलगोटिया विश्वविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. ध्रुव गलगोटिया की प्रगतिशील शैक्षणिक दृष्टि और कुलाधिपति श्री सुनील गलगोटिया के मजबूत संस्थागत नेतृत्व को भी प्रदर्शित किया।
अमेज़न, आईबीएम कंसल्टिंग और दुनिया की दूसरी बड़ी कंपनियों के एक्सपर्ट्स के हाई-इम्पैक्ट पैनल डिस्कशन से उभरते एआई लैंडस्केप के बारे में गहरी जानकारी मिली।
मुख्य पैनल चर्चाएँ
पैनल 1: एआई -सक्षम कार्यबल सशक्तिकरण
पैनल 2: समावेशी एआई एवं नैतिक प्रतिभा विकास
पैनल 3: नैतिक एआई कार्यबल एकीकरण के लिए नीति एवं शासन
इन चर्चाओं ने जिम्मेदार एआई अपनाने, नवाचार-आधारित विकास, और भारत की वैश्विक आकांक्षाओं के अनुरूप भविष्य-तैयार कार्यबल निर्माण में गलगोटिया विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय भूमिका को और अधिक सुदृढ़ किया।
इस मौके पर गलगोटिया यूनिवर्सिटी के सीईओ डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने कहा, ” गलगोटिया यूनिवर्सिटी में, हम भारत के युवाओं को एआई से चलने वाली दुनिया में आगे बढ़ने के लिए ज़रूरी स्किल्स, माइंडसेट और नैतिक आधार देने के लिए पूरी तरह से कमिटेड हैं। एआई इम्पैक्ट समिट 2025 प्री-समिट सिंपोजियम होस्ट करना हमारे लिए गर्व का पल है, क्योंकि यह भारत के एआई भविष्य को आकार देने के लिए देश के विचारकों को एक छत के नीचे लाता है। हमारे कोलेबोरेशन, फ्यूचरिस्टिक करिकुलम और इनोवेशन पर फोकस यह पक्का करते हैं कि गलगोटियास के छात्र न केवल टेक्नोलॉजी में बदलाव के हिसाब से खुद को ढालें, बल्कि उसे लीड भी करें। हम ऐसे काम के डायलॉग और इनिशिएटिव को आगे बढ़ाते रहेंगे जो देश को एक इनक्लूसिव और ग्लोबली कॉम्पिटिटिव एआई युग के लिए तैयार करते हैं।”
गलगोटिया विश्वविद्यालय ने इस राष्ट्रीय मंच के आयोजन के लिए अनुमति प्रदान करने हेतु एआईसीटीई के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया, जिससे गलगोटिया उत्तरी क्षेत्र का एकमात्र विश्वविद्यालय बना जिसने इस प्रतिष्ठित प्री-समिट का आयोजन किया। इस उपलब्धि के साथ, गलगोटिया विश्वविद्यालय नवाचार, उद्योग-संरेखित शिक्षा और रणनीतिक पहलों के माध्यम से शिक्षा को बदलने के अपने मिशन को आगे बढ़ाता रहेगा। यह विश्वविद्यालय को भारत के सबसे प्रगतिशील और भविष्य-तैयार संस्थानों में से एक के रूप में और अधिक सुदृढ़ करता है।














