ग्रेटर नोएडा ( आमिर खान, ग्रेनो एक्सप्रेस, संवाददाता ) । ग्रेटर नोएडा के कसना थाना क्षेत्र में स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (GIMS) में नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना आज आठवें दिन भी जारी रहा। कोविड काल में अपनी जान की परवाह किए बिना मरीजों की सेवा करने वाले ये कर्मचारी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। कर्मचारियों का साफ कहना है कि जब तक उन्हें संस्थान में स्थायी (पक्का) नहीं किया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन समाप्त नहीं होगा।

कोविड के समय मिला था आश्वासन
धरने पर बैठे कर्मचारियों का आरोप है कि वे सभी कोविड महामारी के दौर से भी पहले से इस अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। महामारी के चरम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उन्हें आश्वासन दिया गया था कि भविष्य में जब भी अस्पताल में स्थायी भर्तियां की जाएंगी, तो सबसे पहले प्राथमिकता के आधार पर उन्हें स्थायी किया जाएगा। लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी यह वादा वफा नहीं हो सका।
अस्पताल प्रबंधन से वार्ता बेनतीजा
मामले को शांत कराने के लिए GIMS अस्पताल का एक प्रतिनिधिमंडल लगातार आंदोलनकारी कर्मचारियों से बातचीत कर रहा है, लेकिन अभी तक कोई बीच का रास्ता नहीं निकल पाया है। वहीं दूसरी ओर, इस मामले ने अब राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। पिछले आठ दिनों में तमाम राजनैतिक पार्टियों के प्रतिनिधिमंडल भी प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे हैं और उनकी मांगों के संबंध में उच्चाधिकारियों से बातचीत की है, मगर नतीजा अभी भी शून्य है।
कर्मचारियों का बड़ा सवाल:
“अगर GIMS अस्पताल के डायरेक्टर का सेवा विस्तार (एक्सटेंशन) हो सकता है, तो वर्षों से जान जोखिम में डालकर काम करने वाले कर्मचारियों को स्थायी क्यों नहीं किया जा सकता?”
‘जान गंवाने वाले साथियों को न्याय मिले’
भावुक और आक्रोशित कर्मचारियों ने सरकार से गुहार लगाते हुए कहा कि कोरोना काल में जब लोग घरों से निकलने से डरते थे, तब उन्होंने अपनी और अपने परिवार की जान की परवाह न करते हुए मरीजों की देखभाल की। इस दौरान उनके कई साथियों ने संक्रमित होकर अपनी जान भी गंवा दी। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांग पूरी तरह न्यायसंगत है और सरकार को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।
फिलहाल, अस्पताल प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच गतिरोध बरकरार है, जिससे आने वाले दिनों में अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।














